Chitra Singh wants the Bharat Ratna for Jagjit Singh

jChitra

Ever since his death in 2011, the Ghazal maestro Jagjit Singh’s wife Chitra Singh has been fighting a lone battle to get her husband the recognition he deserves.

“I think he deserves the Bharat Ratna, no less…The country must give him his dues. Manmohan Singhji released two commemorative stamps on Feb 8 of Jagjitji. That was okay. Theek hai. But what about the recognition that Jagjit Saab deserves?”

The Ghazal maestro’s widow, herself a renowned Ghazal singer in the 1970s and 80s had been persuading Manmohan Singh and Sonia Gandhi for many years to award a Bharat Ratna to her husband.

Sighs Chitraji, “They gave Jagjitji the Padma Bhushan in 2003. 11 years have passed since. Every year we expected him to get the Bharat Ratna.”

In 2012, at a function in Delhi on Jagjit Singh’s first death anniversary, Chitraji met Sonia Gandhi to invite her for a function on the first anniversary. And Mrs. Gandhi, though graciousness personified, couldn’t help with the Bharat Ratna.

Says Chitraji, “Soniaji was extremely gracious. I was told I wouldn’t be given more than 5-7 minutes. But she spent 40 minutes with me. I raised the subject of the Bharat Ratna for my husband. But it didn’t go any further. I raised the issue with Manmohan Singhji who was very close to Jagjitji. He too was very gracious. He said he’d try his best. But nothing happened.”

Interestingly, no one has received the Bharat Ratna during the last decade, apparently due to pressure from political families to award the honour to their kin.

However, the Bharat Ratna is likely to be revived. There is talk of hockey player Dhyan Chand.

Chitraji feels Jagjit’s fans should begin an online campaign for his Bharat Ratna. “When I meet his admirers and fans, they all say that he should get the Bharat Ratna. But that’s it. It never goes beyond that. If his fans really feel he should get the Bharat Ratna, then they need to hammer it into the new government .”

Chitraji feels the new BJP government would do the needful. “Narendra Modiji has said on Jagjitji’s death that not only had we lost a great musician but Gujarat had lost a friend. My husband had a soft corner for Gujaratis. He had also met Modiji.”

Courtesy By.Subhash K. Jha

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6 thoughts on “Chitra Singh wants the Bharat Ratna for Jagjit Singh

  1. I want the Bharat Ratna to be conferred on Shri Jagjit Singh who I worship all my life. I still cannot accept his void in my life and will never be able to. He had the power to lower my blood pressure with out medication. I was privileged to have been in his presence live and meet him a few times. If there is any one who deserves this award for all he has done it is Shri Jagjit Singh, my personal emotions aside.

    Nimesh

  2. ¤ किसको आती है ‘ मसीहाई ‘ किसे आवाज़ दूँ . . . . 1 ¤

    उसके एक -एक सुर , उसकी एक- एक तानो और आलापोँ के कर्ज़दार हैँ हम ! महफ़िलोँ मेँ उसके जिग़र से हुक उठकर जब उसकी ज़ुबां से नज़्मोँ , गज़लोँ की शक़्ल मेँ बाहर निकलती तो लोगोँ के चेहरोँ पर ख़ुशियां सरग़ोशियाँ करने लग जाती थीँ । दर्द मेँ लिपटे अपनी नज़्मोँ , गज़लोँ का मरहम जब लोगोँ के नासूर ज़ख़्मोँ पर लगाता तो चेहरे पर उभरे उन ज़ख़्मोँ के निशान तक ग़ायब हो जाते थे ।ऐसा था सबका अज़ीज़ ‘ जगज़ीत ‘ ! आवाज़ की अदाकारी उसके गले की ज़ीनत थी तो इंसानियत उसकी ज़िँदगी के ज़ेवर थे । उस रोज जब वो ज़िँदगी और मौत के क़श्मक़श मेँ मुब्तिला था तब मौसिक़ी का जहां उसके जल्द से जल्द सेहतमंद होने की अर्जियोँ के साथ उस परवरदिग़ार के सामने अपनी बाहेँ फ़ैलाये खड़ा था । मगर वो तो ज़िँदगी का जंग हार चुका था , ठुकरा दी गई थी लोगोँ की अर्जियाँ और ले गया था मौत का सौदाग़र उसे अपने जहाँ मेँ मख़मली सुरोँ की महफ़िल सजाने के लिए ।अपनी खुरदुरी ज़िँदगी की परवाह किये बग़ैर हमारी ज़िँदगी को ताउम्र ख़ूशनूमा बनाने वाला वो मसीहा क्या अपने मुल्क़ के सर्वोच्च सम्मान
    ‘ भारत-रत्न ‘ का हक़दार भी नहीँ है ? ? ? ? ?

    PESHQASH : – KUNDAN SHRIVASTAVA

    JOURNALIST : SPORTS , ART N CULTURE

    PATNA ( BIHAR)

  3. ¤ अपने मुल्क़ का ये ‘ कोहिनूर’
    ‘ भारत-रत्न’ का हक़दार नहीँ है ? ? ? ? ¤

    वो गाता तो लोगोँ के तमाम दु:ख-दर्द पल मेँ न जाने कहाँ काफ़ूर हो जाया करते थे ? उसकी बज़्म से कोई भी खाली हाथ लौटता नहीँ था । जिन चेहरोँ पर उदासियोँ का बसेरा होता , उन्हीँ चेहरोँ पर ख़ुशियोँ का ज़ज़ीरा लेकर लौटते थे लोग उसकी महफ़िलोँ से ! जिग़र से आवाज़ निकलती थी जब वो अपनी रुह से गाता था । अपने दु:खोँ . दर्द की ‘ कम्पोजिँग ‘ कर जब वो महफ़िलोँ मेँ सुर लगाता तो लोगोँ का कलेजा बाहर निकल जाता । क्या ऐसा भी फ़नकार होता है ? क्या ऐसा तिलस्मी फ़नकार देखा है आपने ? कुछ ख़ुशनसीब ही होँगे जिनकी ज़िँदगी को ऐसे बेशक़ीमती लम्हे नसीब हुए होँगे ।
    दुनिया भर के करोड़ो – करोड़ोँ का वो चहेता फ़नकार यूँ तो आज इस दुनिया मेँ नहीँ है पर एक – एक शख़्स के दिलोँ मेँ आज भी वो आदत की तरह शामिल है और सांसेँ ले रहा है । ऐसा होता है फ़नकार और ऐसी होती है उसकी शख़्सियत जो उसे औरोँ से बिल्कूल अलहदा बना कर ‘ मसीहा ‘ के क़तारोँ मेँ लाकर खड़ा कर देता है । एक ऐसे ही मसीहा फ़नकार का नाम था ‘ जगज़ीत सिँह ‘ जिन्हेँ नामवर शायर , गीतकार गुलज़ार साहब ‘ गज़लज़ीत ‘ कहा करते थे ।
    अपने मुल्क़ का ये कोहिनूर क्या आज अपने क़ौम का सर्वोच्च सम्मान पाने का हक़दार भी नहीँ है ?
    ‘ भारत -रत्न ‘ हमारे मुल्क़ का एक ऐसा नागरिक सम्मान है जिसे मुख़्तलिफ़ हल्क़ोँ से जुड़े कोहिनूर शख़्सियतोँ को दिया जाता है । क्या गज़ल गायक ‘ जगज़ीत सिँह ‘ की शख़्सियत इस क़ाबिल नहीँ क्या ? ? ? ऐसा फ़नक़ार तो युगोँ मेँ ही पैदा होता है ।

    PESHQASH : KUNDAN SHRIVASTAVA

    JOURNALIST – SPORTS , ART N CULTURE

    PATNA ( BIHAR )

  4. ¤ एक गुज़ारिश प्रधानमंत्री जी से . . . . . 3 ¤

    इसी साल की ही तो बात है जब ‘ डिपार्टमेँट आफ पोस्ट ‘ ने गज़ल गायक मरहूम जगज़ीत सिँह पर डाक टिकटोँ का सेट जारी किया था । लगा था कम से कम पोस्टल डिपार्टमेँट ने एक अज़ीम फ़नकार का डाक टिकट जारी कर अपना हक़ तो अदा कर दिया । पोस्टल डिपार्टमेँट के इस फ़ैसले की हर किसी ने तारीफ की थीँ । बेशक़ वो इसके हक़दार भी थे । पिछली कांग्रेसी सरकार के कार्यकाल मेँ ये सब हुआ लिहाज़ा लोगोँ को इस बात की थोड़ी बहुत इल्म हो चला था कि शायद वो जगज़ीत सिँह को इस मुल्क़ के सर्वोच्च सम्मान
    ‘ भारत -रत्ऩ ‘ से नवाज़े जाने की तरफ़ कोई ठोस और अहम फ़ैसले लेगी पर उम्मीदेँ यूँ धड़ी की धड़ी रह गईँ । लोक सभा के इंतख़ाबात ने एक नयी हुक़ूमत को परिद्रश्य मेँ लाकर खड़ा कर दिया । ऐसे मेँ अब यह दायित्व भाजपा गठित नयी सरकार की है जिसकी कमान इस मुल्क़ के वज़ीर नरेद्रभाई मोदी के हाथोँ मे है । इम्काऩ है माननीय प्रधानमंत्री इस बाबत अपने फ़ैसलोँ से दुनिया भर मेँ फैले जगज़ीत सिँह के करोड़ो करोड़ो मुरीदोँ को निराश नहीँ करेँगे ।

    पेशक़श – कुन्दन श्रीवास्तव

    JOURNALIST : SPORTS , ART N CULTURE
    PATNA , BIHAR

  5. ‘ अज़ीज़ कहता है हमेँ फ़िर भी वो अजनबी दिखाई देता है

    तबील सदियोँ से होते रहे हैँ यहाँ ऐसे हादिसे मोहब्बतोँ मे . . . ‘

    – कुन्दन श्रीवास्तव

    ek guzaris , ek iltaza hai mere apne chahete unn tamaam dosto aur khaas taur par music ke kisi na kisi vidha se jude guunijano.n se ki wo niche diye link ko open kar apna beshkimati comments uus maseeha shakhs ko samarpit kare jo aapke dilo.n mei.n aaj bhi zinda saa.nsei.n le rahaa hai .

    PLZ . . . . PLZ. . . . PLZ. . . .

    ‘ EK GUZARIS PRADHAN MANTRI SE . . . ‘

    Please click this PMO . INDIA OFFICIAL PAGE link for your beloved ghazal singer jagjit singh n comment

    https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=753269604803746&id=478216262309083&_rdr&refid=13&_ft_=top_level_post_id.679877552148744%3Atl_objid.679975635472269%3Athid.100003795169098

    – KUNDAN SHRIVASTAVA , PATNA , BIHAR .( INDIA )

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